Romantic Bhojpuri Ghazal By Manoj Bhawuk

Bhawuk on April 12th, 2012

चारे दिन के मुलाक़ात में लव भइल बात ही बात में कैद हो गइनी अचके में हम उनका दिल के हवालात में आँख में हमरा उमड़ल घटा डूब गइलें ऊ बरसात में प्यार ना हs त का ई हवे जिक्र बा तहरे हर बात में मांग अब तू सजा दs ’मनोज’ कब ले जीयब खयालात […]

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  रूप के धाह में ज़रा गइलू बाप रे बाप ! तू मुआ गइलू अनसोहातो तू मुस्कुरा गइलू मन के छुअलू आ मन के भा गइलू हम त सुख-चैन से रहीं जीयत राह में तू कहाँ से आ गइलू हम ज़माना से दूर हो गइनी जब से हियरा में तू समा गइलू आज मन बा […]

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