ग़ज़ल

http://www.srijangatha.com/LokAlok1_18Oct2k10  तीन भोजपुरी ग़ज़ल प्रकाशन :सोमवार, 18 अक्टूबर 2010 , 25 बार पढ़ा गया मनोज भावुक गोबरे गणेश बा इहाँ गोबरे गणेश बा इहाँ अब उहे विशेष बा इहाँ बा कहाँ इहाँ प आदमी आदमी के भेष बा इहाँ जानवर में प्रेम बा मगर आदमी में द्वेष बा इहाँ यार तू सम्भल-सम्भल चलs डेगे-डेगे ठेस […]

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