कविता

वैसे तो मैंने धूल डाल दी है पुरानी यादों पर …… फिर भी यदा-कदा अन्दर कुछ तूफ़ान सा चलता रहता है और काँप जाती हैं मेरे दिल की दीवारें .. .जी चाहता है, कुछ गुनगुनाऊँ …मुरझाये फूलों को फिर से खिलाऊँ …कुछ कहूं तुमसे .. …. पर फिर दिखने लगती हैं वो गांठे जो तुम्हारे […]

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