प्रस्तुतिः मनोज भावुक

ई साँच बा कि भोजपुरी एगो अंतर्राष्ट्रीय भाषा ह, भलहीं अपनहीं देश में इ उपेक्षित काहें ना होखे। दोसर साँच इ बा कि जब से गीत आ फिल्म के माध्यम से विश्व स्तर पर भोजपुरी के पताखा फहरल बा, जे के देखीं सेही भोजपुरिए क्षेत्र में आपन बहिनउरा आ ननिअउरा बतावत बा। भोजपुरी खातिर इहो शुभे बा। भोजपुरी त सबका के मिला के, पचाके अपना में समाहित क लेले, सबका के अपना रंग में रंग लेले । भोजपुरी के इहे उदारता एकरा के ना खाली विश्व स्तर पर स्थापित कइले बा बल्कि गुजराती, मराठी, पंजाबी आदि लोगन के बीच भी लोकप्रिय बनवले बा। सब कुछ के बावजूद सरकारी मान्यता जरुरी बा। एही से पूर्वांचल एकता मंच द्वारा गत 9-10 जनवरी के दिल्ली मे आयोजित विश्व भोजपुरी सम्मेलन में भोजपुरी के संविधान के आठवीं अनुसुची में शामिल करे के मांग जोर शोर से उठल। देश-विदेश से आइल लाखों लोग एकरा समर्थन में आवाज बुलंद कइलें।

एह सम्मेलन के उद्घाटन करत लोकसभा अध्यक्षा मीरा कुमार कहलीं ” भोजपुरी खाली भाषा ना ह, दशर्न भी ह. एमें मै ना होला, हम होला। हम सामूहिकता के बोध करावेला। भोजपुरी एगो परिष्कृत जीवन शैली भी ह।

“एह अवसर पर पूर्वांचल एकता मंच के अध्यक्ष शिवजीं सिंह कहलीं कि “दुनिया में भोजपुरी बोलेवालन के संख्या 20 करोंड़ से भी बेसी बा, तबो भोजपुरी भाषा संविधान के आठवीं अनुसूची में नइखे। हम सभ नेता मंत्री लोग से हाथ जोड के निहोरा करत बानी कि जेतना जल्दी हो सके भोजपुरी के आठवीं अनुसूची में शामिल करा लिहल जाव। ”

सम्मेलन में आइल नेता गण रविशंकर प्रसाद, रघुवंश प्रसाद सिंह, प्रभुनाथ सिंह, महाबल मिश्र, राजीव प्रताप रुडी, ओमप्रकाश यादव, सज्जन कुमार, मीना सिंह आ सुशील कुमार सिंह भी एह माँग के जोरदार समर्थन कइलें आ सभे मीरा कुमार का ओर आशा भरल दृष्टी से देखल .

मारीशस से आइल वरिष्ठ साहित्यकार सरिता बुद्वू आ त्रिनिडाड के रिसर्च स्कालर पेंगी मोहन भी सभा के संबोधित कइलीं ।

सम्मेलन के दुसरका सत्र में विचार गोष्ठी आ कवि-सम्मेलन भइल। विचार गोष्ठी के विषय रहे भोजपुरी गद्य के विकास यात्रा। एकर अध्यक्षता प्रो ब्रजकिशोर आ संचालन डा जयकान्त सिंह जय कइलीं. गोष्ठी में भोजपुरी संसार पत्रिका के संपादक मनोज श्रीवास्तव आपन सारगर्भित आलेख पाठ कइलीं. डाँ ब्रजभूषण मिश्रा, गुरुचरण सिंह, डाँ जनार्दन सिंह आ डा दिनेश तिवारी, सुरेश गुप्ता गद्य के विभिन्न पहलुअन पर प्रकाश डालल लोग. मनोज भावुक नया पीढ़ी में भोजपुरी कम्युनिकेशन के प्रति अनिच्छा, अकिच आ उत्साह के कमी के एगो गंभीर समस्या बतवलन।

विचार गोष्ठी के बाद गोरख प्रसाद मस्ताना के अध्यक्षता आ गुरुचरण सिंह के सशक्त संचालन में सुपर फास्ट कवि सम्मेलन भइल, जवना में तंग इनायतपुरी, सुभाष यादव, सुरेश गुप्ता, अभय त्रिपाठी, आ मनोज भावुक आदि कवि भाग लिहलन. मंचासीन एह सभ विद्वान लोग के डाँ प्रभुनाथ सिंह सम्मान से सम्मानित कइल गइल।

रात खानी शुरु भइल सुप्रसिद्व रंगकर्मी महेंद्र प्रसाद सिंह के निदेर्शन में लोटकी बाबा के रामलीला. नाटक खूब जमल बाकिर लोग छरिआइल रहे सुरसंग्राम के सितारन के गाना सुने खातिर। हालाँकि दिन भर मोतीलाल मंजुल के बैले ग्रुप भोजपुरिया गीत-संगीत के छौंक लगावते रहल ,तबो लोग के पियास बुताइल आलोक पाण्डेय, आलोक कुमार, अनामिका सिंह, विजेता गोस्वामी, मोहन राठौर, रामाशीष बागी, सीमा तिवारी आ वरिष्ठ गायक तरुण तूफानी के लोक गीत आ लोक राग में डूबकी लगा के।

बिहानो भइला शीतलहरी आ कुहासा के बावजूद दिल्ली के जनता मनोज तिवारी के सुने आ शत्रुघ्न सिंहा के देखे खातिर भोरही से गमछा बिछा के सीट छेकावे लागल रहे।

सँझलौका से जवन राजनैतिक-सांस्कृतिक भाषण बाजी आ नाच गाना शुरु भइल उ मध्य रात्रि में जाके थमल। मनोज तिवारी के जवन जलवा रहे, तवन त रहबे कइल, शत्रुध्न सिंहा के जब आवाज गुजल कि भोजपुरी में बहुत जान बा आ जब जरुरत होइ हम भोजपुरी के साथे बानी. त लोग थपरी पीट-पीट के अपना एह नेता-अभिनेता के सम्मान कइल । एही अवसर पर महुआ चैनल के चेयरमैन पीके तिवारी दिल्ली में उमडल जन-सैलाब के संबोधित करत कहनी कि बहुत लोग हमरा के चैनल खोले से मना कइल,कहलस कि इ रिस्की बा. तबो भोजपुरी भाषा आ संस्कृति के प्रति विशेष अनुराग के चलते हम चैनल शुरु क देनी आ आज एकर लोकप्रियता इ साबति कर देले बा कि भोजपुरिया संस्कृति के जड़ केतना गहिर बा. अउर लोग के भोजपुरी से केतना प्रेम बा .

एह दो दिवसीय आयोजन में सम्मान समारोह आ पुस्तक लोकार्पण भी भइल. पहिला दिने लोकसभा अध्यक्षा मीरा कुमार के भोजपुरी गौरव सम्मान, दैनिक जागरण के मुख्य महाप्रबंधक शशिकान्त ठाकुर के पत्रकारिता गौरव सम्मान, पायलट बाबा आ सरिता बुद्वू के भोजपुरी अस्मिता सम्मान देहल गइल .

दुसरका दिने अभिनेता शत्रुध्न सिंहा आ महुआ टीवी के कर्ता-धर्ता पीके तिवारी के भोजपुरी गौरव सम्मान, इंडियन हॉस्पिटल के चेयनमैन डाँ राजेश सिंह के पूर्वांचल गौरव सम्मान, डाँ संजय सिंहा के भोजपुरी अस्मिता सम्मान, लोक गायिका मालिनी अवस्थी के भिखारी ठाकुर सम्मान आ पूर्वांचल एक्सप्रेस डाँट काँम के संपादक आ भोजपुरी संसार पत्रिका के दिल्ली प्रभारी कुलदीप श्रीवास्तव के भोजपुरी पत्रकारिता गौरव सम्मान से नवाजल गइल .

एही अवसर पर उतर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री आ कांग्रेस सांसद श्री जगदिम्बका पाल के हाथों भोजपुरी के प्रख्यात साहित्यकार मनोज भावुक के गीत संग्रह चलनी में पानी के लोकापर्ण भइल. बीच-बीच में गाना बजाना चलत रहल. गोरखापुर के वयोवृद्व गायिका मैनावती देवी के टीम भजन झूमर गइलस त लोक गायिका मालिनी अवस्थी सुरसंग्राम के सितारन के लेके फगुआ पर लोग के झूमा के कायर्क्रम के यादगार बना देहली.

दू दिन कइसे बीतल, पते ना चलल. राजनैतिक, सांस्कृतिक आ साहित्यिक सत्र में तरह-तरह के विचार उभरल. बहुत कुछ कहाइल बाकिर अबहियों बहुत कुछ अनकहल रह गइल. मन ना भरल. दस दिन पहिले से देश के प्रमुख अखबारन में जवना विश्व भोजपुरी सम्मेलन के प्रचार गूँजत रहे, उ सफलतापूवर्क सम्पन्न हो गइल. दैनिक जागरण मीडिया पाटर्नर बन के सहयोग कइलस. विश्व स्तर पर भोजपुरियन.के आवाज गूंजल.बात दूर-दूर तक पँहुचल. बाकिर संसद के कान पर जूँ रेंगे तब नू.

देखे के इ बा कि हर साल के तरह इहो आयोजन महज एगो कायर्क्रम बन के रह जाई या कि आठवीं अनुसूची में भोजपुरी के शामिल करे के सपना अबकी साकार होई.

Tags: