प्रस्तुति – मनोज भावुक
(An article courtsey The Sunday Indian magazine-by Manoj Bhawuk)

दिल्ली में भइल विश्व भोजपुरी सम्मेलन मे लोग असम आ महाराष्ट्र के हाल पर रोष जतवलें…

भोजपुरी के बाजार गरम बा ! …एगो त बाज़ार आ उहो गरम! बाजार शब्दे में बाज छिपल बा, जवना के काम ह झपट्टा मारल …आ जब उ गरमा के झपट्टा मारी त का हाल होई ? भोजपुरी के हंसी-खुशी,भोजपुरी के ममता आ भोजपुरी के अस्मिता सब कुछ बाज़ार के चपेट में बा. बाजार भोजपुरी के कैश करे में लागल बा आ लोग बाजारू होखे प उतारू बा.

जब से लोग बाग के ई पता चलल बा कि “भोजपुरी सोना के अंडा देवे वाली मुर्गी हउवे”जेके देखीं उहे भोजपुरिए क्षेत्र में आपन बहिनउरा आ ननिअउरा बतावत बा.कुकुरमुत्ता के तरह भोजपुरी के सैकड़न संस्था उग आइल बाड़ी सन आ सम्मेलन होखे लागल बा…जबकि सांच पूछीं त भोजपुरी के हक आ सम्मान के लड़ाई लड़े वाली संस्था के नाम अंगुरी पे गिनावल जा सकेला.

दिल्ली में भोजपुरी आंदोलन खातिर समर्पित संस्था में पूर्वांचल एकता मंच आ भोजपुरी समाज के नाम लिहल जा सकेला.12-13 अप्रैल 2008 के द्वारका स्थित मेला ग्राउंड दादा देव मंदिर परिसर मे एही दूनो संस्था के संयुक्त तत्वावधान में विश्व भोजपुरी सम्मेलन के सफल आयोजन भइल. कार्यक्रम के शुरूआत मोती लाल मंजुल निर्देशित मइया के पचरा से भइल…फिर वरिष्ठ पत्रकार डा. रमाशंकर श्रीवास्तव आ संतोष सिन्हा के संचालन मे भोजपुरी हास्य कवि सम्मेलन भइल…एकर अध्यक्षता कइलें भोजपुरी के प्रसिद्ध गीतकार डा० गोरख प्रसाद मस्ताना,अउर कवि लोग में धनुर्धारी कुशवाहा,बादशाह प्रेमी,गुंजन,टीपी श्रीवास्तव,मनोज भावुक आ गया शंकर प्रेमी प्रमुख रहलें…हास्य कवि लोग अपना कविता से जनता के खूब मनोरंजन कइलन,खासकर मस्ताना जी जइसन राष्ट्रीय स्तर के कवि के सुनला के बाद भोजपुरी के असली तस्वीर उभर के सामने आइल.अच्छा होइत कि एही स्तर के कुछ अउर कवि लोग उपस्थित रहित.भोजपुरी में बहुत सारा अइसन कवि बाड़न जेकरा के हिंदी के कवनो कवि के समकक्ष राखल जा सकेला..जइसे के आचार्य पाण्डेय कपिल ,कविवर जगन्नाथ,डा० अशोक द्विवेदी,जुगानी भाई,भगवती प्रसाद द्विवेदी ,अशेष , प्रकाश उदय आदि.एह लोग के अनुपस्थिति खलल.आमंत्रित कवि लोग के पूर्वांचल एकता मंच का तरफ से स्मृति चिंह आ सॉल देके सम्मानित कइल गइल .

कवि सम्मेलन खत्म होखत दीप प्रज्जवलन के बेरा हो गइल. पूर्व केन्द्रीय मंत्री जनेश्वर मिश्र दीया जरा के दूसरका सत्र के शुरूआत कइनी आ फेर भोजपुरी के वीरगाथा अउर मिठास पर लमहर भाषण देनीं.मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद आपन भाषण में कहनी कि ‘भोजपुरी भाषा में जवन मिठास,सहनशीलता आ हिम्मत बा, उ कहीं नइखे आ ई हमरा खातिर गर्व के बात बा कि हम बिहारी हईं, हम भोजपुरिया हईं. पूर्व केन्द्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूढ़ी बड़ा भावुक होके कहनी कि आज भोजपुरी के पहिला प्रधानमंत्री स्वर्गीय चन्द्रशेखर जी के कमी बहुत खलता…आगे रूढ़ी कहनी कि भोजपुरी में संवाद के ताकत बहुत बा..केहू के कुछ ना बुझाव त भोजपुरी मे समझाईं टन्न से बुझा जाई.धरती पर एकरा से ताकतवर भाषा नइखे.

पूर्व केन्द्रीय मंत्री सीपी ठाकुर के कहनाम रहे कि भोजपुरी के आठवीं अनुसूची मे अइला से हिन्दी कमजोर ना होई काहे से कि अंग्रेजी मे ग्रीक शब्द बहुते बा..लेकिन अंग्रेजी ग्रीक के पचवलस …भोजपुरी के आठवीं अनुसूची में अइला से हिन्दी धनी होई….आ आठवीं अनुसूची में ना अइला से भोजपुरी पर खतरा हो जाई त साथे साथ हिन्दियो पर खतरा होई…त्रिनिदाद से भारत आइल भोजपुरी रिसर्च स्कालर डा. पेंगी मोहन बड़ी मायूसी से कहनी कि भोजपुरी साहित्य ,फिल्म आ राजनीति के जवन प्रगति इण्डिया में हो रहल बा,उ त्रिनिदाद मे नइखे . भारत के भोजपुरिया लोग के त्रिनिदाद,गुयाना आ फिजी में भोजपुरी के प्रगति पर भी विचार करेके चाहीं.

एह अवसर पर नसीरपुर के विधायक महाबल मिश्रा,पालम के विधायक घर्मदेव सोलंकी,भोजपुरी समाज के अध्यक्ष अजीत दूबे आ पूर्वांचल एकता मंच के अध्यक्ष शिवाजी सिंह ,महासचिव संतोष पटेल आ नजफगढ़ भाजपा के जिला मंत्री चन्द्रशेखर राय आदि गणमान्य लोग मौजूद रहले.

एकरा बाद शुरू भइल एगो महत्वपूर्ण विचार गोष्ठी. विषय रहे- भोजपुरी अष्टम सूची में काहे ना? …एह बतकही के उदघाटनकर्ता रहीं वरिष्ठ साहित्यकार डा० रामदरश मिश्र आ अध्यक्षता कइलीं दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रसिद्ध विद्वान नित्यानंद तिवारी. मुख्य वक्ता रहीं बिहार के भूतपूर्व मंत्री डा. प्रभुनाथ सिंह ,वरिष्ठ साहित्यकार राजेन्द्र गौतम आ श्रीमती अलका सिन्हा …रामदरश मिश्र कहलीं कि भोजपुरी आठवीं सूची में काहे ना? एकर जवाब सरकार देवे, काहे कि भोजपुरी के पास उ सब कुछ बा जवना के वजह से भोजपुरी के आठवीं सूची में शामिल होखे के चाहीं.

डा०प्रभुनाथ सिंह कहलीं कि जब भोजपुरी एम.ए में पढ़ावल जाता त एह सवाल के का अर्थ बा कि भोजपुरी बोली ह कि भाषा…इतिहास गवाह बा कि भोजपुरी हमेशा से हिन्दी खातिर कतरा कतरा खून बहवले बा आ बहावत रही.आज भी हमनी पहिले जय हिन्दी कहेलीं ओकरा बाद जय भोजपुरी . त भोजपुरी से हिंदी प खतरा के कवन सवाल?

डा० सिंह आगे कहलीं कि टी० वी० मुखर्जी ( जे कि नान भोजपुरी रहले ) बिहार विश्वविद्यालय में भोजपुरी के पढाई शुरू करवलें.दिल्ली के मुख्यमंत्री शीला दीक्षित भोजपुरी अकादमी के स्थापना कइलीं…भोजपुरी खातिर लड़ाई सदन मे पंहुच गइल बा..उम्मीद बा कि भोजपुरी जल्दी आठवीं सूची मे शामिल होई. डा० राजेन्द्र गौतम कहलें कि चूंकि भोजपुरी जनभाषा ह,एह से एकरो के आठवीं अनुसूचीं में शामिल करे के चाहीं …डा० अलका सिन्हा भाषा संबंधी १९९८ के रिपोर्ट के जिक्र करत स्पष्ट कइलीं कि आठवीं अनुसूचीं में शामिल होखे खातिर जेतना शर्त बा ओह पर भोजपुरी खरा उतरत बा …एकरा बाद अजीत दूबे बतवलीं कि भोजपुरी के अष्टम सूची के बिल तैयार बा आ आवे वाला एक- दू सत्र में भोजपुरी आठवीं सूची में आ जाई. श्री दूबे देश आ दुनिया के पहिला भोजपुरी पत्रिका शुरू करे खातिर द संडे इंडियन के बधाई भी दिहलन.पूर्वांचल एकता मंच के अध्यक्ष शिवाजी सिंह भोजपुरी के आठवीं सूची में शामिला करे खातिर आंदोलन के तेज करे आ जब तक सूची में भोजपुरी आ नइखे जात तब ले शांत ना होखे के बात बडा जोरदार ढंग से उठवनी.अध्यक्षीय भाषण करत प्रोफेसर नित्यानंद तिवारी कहलीं कि राजनितिक इच्छा शक्ति के कमी के कारण भोजपुरी आठवीं सूची में शामिल ना हो पावल.

एह विचार गोष्ठी के बाद उ कार्यक्रम शुरू भइल जवना खातिर महफिल मे भीड़ जुटल रहे.जान मे जान आइल जब लउंडा नाचल शुरू कइलस ..डगरिया जोहत ना हो …डगरिया जोहत ना…लउंडा आ लबार के माध्यम से आत्मा,परमात्मा, धर्म आ माया के रहस्य समझावल जाता आ बाद में कथा अउर पात्र से माध्यम से ओकर लौकिक प्रस्तुति होता…भोजपुरी के शेक्सपियर भिखारी ठाकुर के सबसे प्रसिद्ध नाटक बिदेशिया के मंचन भइल .उमेश सिंह के निर्देशन में पुनर्नवा संस्था के एह प्रस्तुति के जेतने तारीफ कइल जाय कम बा.
दूसरा दिने एगो महत्वपूर्ण परिचर्चा भइल ‘दिल्ली के विकास में पूर्वांचल वासियन के योगदान’ . एकर उद्घाटन कइलें बिहार भवन के एडिशनल कमिश्नर कारू राम आ अध्यक्षता कइलें अजीत दूबे,मुख्य अतिथि रहलें बिन्देश्वरी पाठक, संचालन कइलें प्रभुनाथ पाण्डेय. दर्जन भर वक्ता लोगन में से अधिकांश विषय से भटक गइलें. मुख्य अतिथि बिन्देश्वरी पाठक दिल्ली मे पूर्वांचल सदन बनावे के घोषणा कइलें…जवना में पूर्वाचल के लोग खातिर सस्ता मे रहे खाये के व्यवस्था रही.

बाकिर मनोज तिवारी आ कुमार शानू के सुने खातिर जे लोग दूपहरिये से सीट छेंका के बइठल रहे,ओकरा इ भाषनबाजी तनिको अच्छा ना लागत रहे.सांझ होत होत धक्का-धुक्की, ठेला ठेली शुरू हो गइल. शर्मिला पाण्डेय के जे सुनले होई उ त जानते होई कि उ कुछुओ गा देवेली खाली नावे शर्मिला ह तनिको शरमाली ना. सीमा तिवारी मइया के पचरा कढवली त आई पी एस रंजू तिवारी देश भक्ति ई भोजपुरिया माटी देशवा के शान गा के मन मोह लेली. एही बीच केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान,मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ,विधायक करण सिंह तंवर, धर्मदेव सोलंकी ,जय भगवान गोयल, सांसद नीरज शेखर आ विधायक महाबल मिश्रा आ गइलें..

रामविलास कहलें कि कैबिनेट में निर्णय ले लीहल गइल बा. अबकी बेर पार्लियामेंट में बिल पेश करके हर हाल में भोजपुरी के आठवीं सूची में शामिल कर लीहल जाई. एकरा बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री शीला दीक्षित पूर्वांचल के लोग के जम के तारीफ कइलीं.कहलीं कि बिहार के बाद इहे एगो राज्य बा जहां मैथिली भोजपुरी अकादमी के स्थापना कइल गइल बा.दिल्ली के विकास में भोजपुरिया लोग के योगदान के सराहना करत उ इहां तक कह गइलीं कि हमहूं पूर्वांचल वासी हईं भले ही दिल्ली मे रहेलीं.एह अवसर पर पूर्वांचल एकता मंच के पत्रिका पूर्वांकुर अउर डा० गोरख प्रसाद मस्ताना के काव्य -संग्रह ‘जिनगी पहड़ हो गइळ’ के पासवान जी के हाथे लोकार्पण भइल.

फेर कुमार शानू आशिकी के गाना गाके लोग के दिवाना बना दीहले त मनोज तिवारी वंदना से शुरू होके नाक के नथिया नाभि तक लेके अइलें आ फेर इहो पूछलें कि अब कवचीं छेदवइबू? …रउरा समझा सकेनी कि भोजपुरी गीत -संगीत के इ भोजपुरी के स्टार लोग कहां ले जाता. खैर जे होखे मनोज तिवारी मे बान्हे के क्षमता त बड़ले बा. उनका उ सब छाव भाव आवेला जे नया लोगन के चाहीं.

एह अवसर पर श्री तिवारी के लोक गीतकार महेन्द्र मिसिर सम्मान,कुमार शानू के भिखारी ठाकुर सम्मान,गोरख प्रसाद मस्ताना के भोजपुरी साहित्य गौरव सम्मान अउर अजीत दूबे के पूर्वांचल गौरव सम्मान से सम्मानित कइल गइल.

एह तरे संपन्न हो गइळ विश्व भोजपुरी सम्मेलन.एह सम्मेलन में तीन गो महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित भइल. पहिला- २० करोड़ भोजपुरी लोगन के भाषा के संविधान के आठवीं सूची में शामिल कइल जाव आ बिल अगिला लोकसभा सत्र में पेश कइल जाव.दूसरा- असम ,महाराष्ट्र के घटना के रोके खातिर केन्द्र सरकार राज्यन के कदम उठावे खातिर निर्देश देव आ तीसर- भोजपुरी भाषी क्षेत्र के समग्र विकास खातिर केन्द्र आ राज्य सरकार अविलम्ब नीति बनावे आ ओकरा के तुरंत लागू करे के पहल करे.

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