बढ़ते जाता दिल के दरदिया गोरिया तोहरा बिन
कि अइसे कहिया ले हम काटीं दिनवा अंगुरी पर गिन- गिन

तू गइल त गइल बहार, दिनवो लगे अन्हारे
कइसे बतलाईं कि केतना तडपेला जिउआ रे
करवट बदलत रात कटेला और सोचते दिन
कि अइसे…………………………………….

प्यार के बतिया, तोहरी सुरतिया, चित्त से ना उतरेला
कइसे सूतीं याद का साथे अंखियो त जागेला
खिलल फूल कुम्हिलाइल जाता प्रियतम हो दिन-दिन
कि अइसे…………………………………….

हम दिया तू बाती सजना, हम दरिया तू प्यास
तू हमरा जीये के चाहत, तू धड़कन, तू सांस
अइसे में कइसे जीये तोहरा बिन ई बिरहिन
कि अइसे…………………………………….

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