मंच पर (बायें से )-  महेंद्र प्रसाद सिंह , प्रो० मैनेजर पाण्डेय , आर.के.दूबे, अजीत दूबे , प्रो नित्यानंद तिवारी , संजीव एवं मनोज भावुक

दिल्ली के राजेन्द्र भवन में भिखारी ठाकुर राष्ट्रीय प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित एक संगोष्ठी में वरिष्ठ साहित्कार श्री मैनेजर पाण्डेय ने कहा कि भिखारी ठाकुर एक ऐसे कलाकार थे जिन्होने रंगकर्म को एक सामाजिक आंदोलन से जोड़ कर  भारतीय ग्राम्य जीवन एवं  ग्राम्य प्रतिभा को राष्ट्रीय ही नही बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्वरूप में स्थापित किया .

 भिखारी ठाकुर राष्ट्रीय प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित इस संगोष्ठी में बोलते हुए हंस पत्रिका के कार्यकारी संपादक श्री संजीव ने अपने बीज वक्तव्य में कहा कि भिखारी ठाकुर ने भले ही भोजपुरी में अपनी रचनाएं की, परन्तु उनका दर्शन न सिर्फ राष्ट्रीय , बल्कि अंतर्राष्ट्रीय है उनकी रचनाएं समाज को सही दिशा देने की अपील करती है।
 
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ विद्वान डा. नित्यानंद तिवारी ने कहा कि सामाजिक विपुद्र्ता के प्रति एक कलाकार द्वारा किया गया हस्तक्षेप अपने आप में दुर्लभ है. श्री तिवारी ने कहा कि यूं तो पं. राहुल जी ने भिखारी ठाकुर को भोजपुरी का शेक्सपियर कहा है परन्तु भिखारी की रचनाएं सामाजिक दुःख दर्द के प्रति प्रतिरोध कर उन्हें विशिष्ट श्रेणी में ले जाती है।
 
भोजपुरी समाज के अध्यक्ष श्री अजित दूबे ने सरकार से मांग किया कि भोजपुरी को संविधान 8वीं अनुसूची में शामिल करने के साथ-साथ दिल्ली के मंडी हाउस के आस – पास भिखारी ठाकुर की प्रतिमा लगनी चाहिए।
 
 प्रसिद्ध रंगकर्मी श्री महेन्द्र सिंह ने कहा भिखारी ठाकुर जहां रंगकर्म मे शेक्सपियर के समतुल्य है वहीं सामाजिक बुराईयों को दूर करने में राजाराम मोहन राय के समान थे। बिहार भोजपुरी अकादमी के अध्यक्ष प्रो. आर.के. दूबे ने कहा कि अकादमी भिखारी ठाकुर पर और अधिक शोध के लिए प्रयास करेगी।
 
भोजपुरी के सुप्रसिद्ध युवा साहित्यकार  मनोज भावुक ने कहा कि ” भिखारी ठाकुर एक कवि,एक गीतकार, एक नाटककार , एक निर्देशक , एक रंगकर्मी , एक गायक , एक लोक संगीतकार एवं एक बहुत बड़े समाज सुधारक थे . उनके  विशाल एवं बहुआयामी व्यक्तित्व पर और शोध की आवश्यकता है तथा समाज को  बेहतर बनाने के लिए  उन्हें नई पीढी  से जोड़ने की जरुरत है. “
 गोष्‍ठी को संतोष पटेल, युवा शोधार्थी सुश्री श्रद्धा ने भी संबोधित किया। अंत में गजाधर ठाकुर व अंजना आर्या ने भिखारी ठाकुर के गीतों की संगीतमय प्रस्तुति दी .    
 
कार्यक्रम का संयोजन राजीव रंजन राय व मुन्ना पाठक , स्वागत कुलदीप श्रीवास्तव एवं संचालन राजीव रंजन राय ने किया।

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