भोजपुरी सिनेमा के 50 वर्षों की यात्रा में भोजपुरी फिल्मों ने उल्लेखनीय मानक स्थापित किया है और भोजपुरी फिल्मों ने देश-विदेश में शूटिंग कर के दर्शकों को अच्छी फ़िल्में दी है. उक्त विचार था मशहूर पार्श्‍व गायक उदित नारायण का. उदित नारायण ने यह बातें दिल्ली में पूर्वांचल एकता मंच द्वारा आयोजित दो दिवसीय विश्व भोजपुरी सम्मलेन के समापन सत्र पर भोजपुरी सिनेमा के पचास वर्ष पर आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कही.

इस अवसर पर एक ओर जहाँ सांसद शहनवाज हुसैन, वशिष्ठ  नारायण सिंह (जनता दल यू के बिहार प्रदेश अध्यक्ष) और पूर्वांचल एकता मंच के अध्यक्ष शिवजी सिंह ने उदित नारायण को शिखर सुर साधक सम्मान सम्मानित किया वहीं भोजपुरी फिल्मों के महानायक कुनाल सिंह को कला गौरव सम्मान, निर्देशक अभय आदित्य सिंह को भिखारी ठाकुर सम्मान, राष्ट्रीय कला पुरस्कार से सम्मानित फिल्म “कब होई गवना हमार” की निर्मात्री दीपा नारायण को विश्वनाथ साहाबादी सम्मान, निर्देशक आनंद गहतराज को कुंदन कुमार सम्मान, गीतकार मोतीलाल मंजुल को शैलेन्द्र सम्मान, चर्चित निर्देशक राजकुमार आर पाण्डेय को सर्वश्रेष्‍ठ निर्देशक सम्मान ,अमरेश नारायण को बेस्ट सपोर्टिंग सम्मान और भोजपुरी संसार पत्रिका के संपादक मनोज श्रीवास्तव को भोजपुरी पत्रकारिता गौरव  सम्मान से नवाजा गया . फिल्म सत्र का संचालन अजित आनंद , छवि पाण्डेय और मनोज भावुक ने संयुक्त रूप से किया .

Tags: