हिंदी कविता

Bhawuk on February 20th, 2013

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Bhawuk on February 19th, 2013

Manoj Bhawuk’s unique journey

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Bhawuk on February 19th, 2013

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Bhawuk on February 19th, 2013

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वैसे तो मैंने धूल डाल दी है पुरानी यादों पर …… फिर भी यदा-कदा अन्दर कुछ तूफ़ान सा चलता रहता है और काँप जाती हैं मेरे दिल की दीवारें .. .जी चाहता है, कुछ गुनगुनाऊँ …मुरझाये फूलों को फिर से खिलाऊँ …कुछ कहूं तुमसे .. …. पर फिर दिखने लगती हैं वो गांठे जो तुम्हारे […]

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Bhawuk on August 7th, 2011

Friendship day पर कविता दोस्त तुम यादों में हो ,वादों में हो , संवादों में हो           गीतों में हो , ग़ज़लों में हो , ख़्वाबों  में हो ,  चुप्पी में हो, खामोशी में हो , तन्हाई में हो ,  महफिल में हो,  कहकहो में  हो और बेवफाई में भी हो तुम उन चिठ्ठियों में […]

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Bhawuk on June 19th, 2011

                                            Email-  manojsinghbhawuk@yahoo.co.uk Mob- 09971955234

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Bhawuk on October 19th, 2010

अबकी आए ऐसा नया साल हो जाए हर गाँव शहर खुशहाल भइया के मुँह से फूटे संगीत भौजी के कंगना से खनके ताल आए रे आए ऐसा मधुमास फूल खिलाए ठूंठ पेड़ के डाल झूम-झूम के नाचे मगन किसान इतना लदरे जौ गेहूँ के बाल दिन सोना के चाँदी के हो रात हर अंगना मे […]

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खिलने दो खुशबू पहचानो, कलियों को मुसकाने दो आने दो रे आने दो, उन्हें इस जीवन में आने दो जाने किस-किस प्रतिभा को तुम गर्भपात मे मार रहे हो जिनका कोई दोष नहीं, तुम उन पर धर तलवार रहे हो बंद करो कुकृत्य – पाप यह, नयी सृष्टि रच जाने दो आने दो रे आने […]

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– मनोज भावुक अबकी दियरी के परब अइसे मनावल जाये। मन के अँगना में एगो दीप जरावल जाये।। रोशनी गाँव में, दिल्ली से ले आवल जाये। कैद सूरज के अब आजाद करावल जाये।। हिन्दू, मुसलिम ना, ईसाई ना, सिक्ख, ए भाई। अपना औलाद के इंसान बनावल जाये।। जेमें भगवान, खुदा, गॉड सभे साथ रहे। एह […]

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