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तुम पर गुस्सा भी आता है और प्यार भी . कैसे कह दूँ कि तुम मेरी कोई नहीं हो । मन करता है कि तुमसे बोलना छोड़ दूँ । ….. और बिन बतियाये रहा भी नहीं जाता ……… कैसे कह दूँ कि तुम मेरी कोई नहीं हो । तुमने बहुत जख्म दिये हैं । टीसते […]

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Bhawuk on August 24th, 2011

Manoj BhawukCreate Your Badge

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Bhawuk on February 1st, 2011

भोजपुरी सिनेमा का पचासवां साल : अब तक नहीं मिला असली मुकाम : भोजपुरी सिनेमा अब 50 साल का प्रौढ़ होने वाला है, लेकिन उम्र के इस पड़ाव पर भी इसमें प्रौढ़ावस्था वाली गंभीरता नहीं दिख रही है. जैसे-जैसे इसकी उम्र बढ़ी है, लड़कपन बढ़ता गया है. ये इसका ऐसा लड़कपन है जिसे समय और […]

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Bhawuk on October 19th, 2010

http://www.anubhuti-hindi.org/sankalan/mamtamayi/maa1.htm हज़ारों दुखड़े सहती है माँ फिर भी कुछ ना कहती है माँ हमारा बेटा फले औ फूले यही तो मंतर पढ़ती है माँ हमारे कपडे, कलम औ काँपी बड़े जतन से रखती है माँ बना रहे घर, बंटे न आँगन इसी से सबकी सहती है माँ रहे सलामत चिराग घर का यही दुआ बस […]

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1 अक्टूबर । लखनऊ  VIDEO 1 अक्टूबर । लखनऊ लखनऊ स्‍थित संस्‍था भाऊराव देवरस सेवा न्‍यास ने भोजपुरी के लोकप्रिय कवि मनोज भावुक को भोजपुरी भाषा में उल्‍लेखनीय योगदान के लिए पंडित प्रताप नारायण मिश्र स्‍मृति-युवा साहित्‍यकार सम्‍मान से नवाजा है। पहली बार किसी भोजपुरी साहित्‍यकार को यह सम्‍मान मिला है। लखनऊ, उत्तर प्रदेश के […]

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