भारत वर्ष में छोटे-छोटे पृथक राज्यों की मांग कर रहे विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने मिलकर नेशनल फेडरेशन बनाया जिसका नाम नेशनल फेडरेशन फॉर न्यू स्टेट्स रखा गया. हाल ही में दिल्ली के कन्च्यूशनल क्लब में इसी संस्था के बैनर तले आन्ध्र प्रदेश से तेलंगाना, बंगाल से गोरखा, महाराष्ट्र से विदर्व व उत्तर प्रदेश से बुंदेलखंड, ब्रज प्रदेश (पश्चिमी उत्तर प्रदेश), अवध और पूर्वांचल के प्रतिनिधियों ने एक साथ मिलकर अपने -अपने पृथक राज्यों की मांग को लेकर अपनी-अपनी आवाज बुलंद की जिसमें तेलंगाना से पी निरुप रेड्डी, गोरखा से मनीष गतांक व श्रीमती दिल कुमारी भंडारी (पूर्व सांसद ) ,विदर्व से अनिल जी (विधायक) , बुंदेलखंड से राजा बुंदेला , ब्रज प्रदेश से डा०. के .एस.राना , दुर्ग विजय सिंह भैया , अशोक शर्मा , अवध से मार्कंडेय प्रसाद सिंह और पूर्वांचल से डा०.संजयन त्रिपाठी, अशोक चौबे, मनोज भावुक व कुलदीप श्रीवास्तव के प्रतिनिधित्व में सैकड़ों बुद्धिजीवियों , समाजसेवियों , साहित्यकारों , कलाकारों व पत्रकारों ने शिरकत किया और अपने- अपने विचार रखे.
Friendship day पर कविता
दोस्त तुम यादों में हो ,वादों में हो , संवादों में हो
गीतों में हो , ग़ज़लों में हो , ख़्वाबों में हो ,
चुप्पी में हो, खामोशी में हो , तन्हाई में हो ,
महफिल में हो, कहकहो में हो और बेवफाई में भी हो
तुम उन चिठ्ठियों में हो जो तुम्हें दे न सका ,
तुम उस टीस में भी हो जो तुम देते रहे
और मै उस मीठे दर्द को अल्फाजों में बदलता रहा
तुम उस खुशी में भी हो जो तुमने मुझे अनजाने में दी
.. इतना कुछ होने के बाद तुम अगर मुझसे रूठ भी जाओ
तो अलग कैसे हो पावोगे ?
नाराज होकर फेसबुक से अन्फ्रेंड कर दोगे ,
डायरी से फाड़ दोगे, ग्रीटिंग्स कार्ड जला दोगे
लेकिन मेरी यादें ?
जानते हो ….
यादें और चुप्पियाँ एक दुसरे के directly proportional होतीं हैं
चुप्पियाँ ..यादों के समन्दर में डुबोती चली जाती हैं
कहते हैं .. खामोशी और बोलती है …..echo भी करती है .
पगला देती है आदमी को …..
इसलिए शब्दों का और आंसुओं का बाहर निकलना बहुत जरुरी है.
मै बाहर निकल आया हूँ , तुम भी बाहर आ जाओ .
अपने ego के खोल से .
मै भी sorry बोलता हूँ , तुम भी बोलो
….. बोलो , तुम्हारा भी कद ऊंचा हो जाएगा
— अब छोडो भी इन बातों को , गलती किसी की भी हो ..
पर ह्त्या तो दोस्ती की हुई न ?
….और हमारी दोस्ती इतने कमजोर धागों से नहीं बंधी है
कि एवीं टूट जाय .
न दोस्ती को एवीं टूटने देंगे… न जिन्दगी को
क्योंकि दोनों अनमोल हैं .
हैप्पी फ्रेंडशिप डे 





