admin on June 19th, 2011

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वीर कुंवर सिंह का 155 वां विजयोत्सव पहली बार राष्ट्रपति भवन में मनाया गया . वीर कुंवर सिंह फाउंडेशन, नई दिल्ली द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत विजयोत्सव समारोह की मुख्य अतिथि राष्ट्रपति, भारत श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने वीर कुंवर सिंह के फोटो पर पुष्प चढ़ाकर श्रद्धांजली देते हुए की . तदोपरांत महामहीम को वीर कुंवर सिंह फाउंडेशन के अध्यक्ष निर्मल सिंह ने संस्था का प्रतीक चिन्ह भेंट किया और अपने संबोधन में कहा की आजादी के बाद संभवत पहली बार वीर कुंवर सिंह का स्मृति स्थल राष्ट्रपति भवन बना है .
इस अवसर पर वीर कुंवर सिंह को याद करते हुए प्रतिभा पाटिल ने कहा की जिन्दगी सिर्फ भोजन पर नहीं चलती..प्रेरणा पर चलती है . जिस तरह वीर कुंवर सिंह ने बलिदान दिया उससे लोगो को प्रेरणा मिली . ऐसे लोग समय और काल में बंधे हुए नही होते . इन्हें हजारों सालो तक याद किया जाएगा . समारोह को जनार्दन द्विवेदी(महासचिव, अखिल भारतीय कांगेस ), डा० कर्ण सिंह और डा० भीष्म नारायण सिंह(पूर्व राज्यपाल) ने भी संबोधित किया .
कार्यक्रम में सांसद महाबल मिश्रा , भोजपुरी समाज दिल्ली के अध्यक्ष अजीत दूबे, विश्व भोजपुरी सम्मलेन दिल्ली इकाई के अध्यक्ष कवि मनोज भावुक, समाजसेवी राकेश सिंह परमार, पत्रकार कुलदीप श्रीवास्तव, मुन्ना पाठक सहित सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित थे।

मनोज भावुक को बेस्ट टीवी एंकर अवार्ड (मेल) और श्वेता तिवारी को बेस्ट टीवी एंकर अवार्ड (फीमेल) से सम्मानित किया गया . यह सम्मान उन्हें पूर्वांचल एकता मंच द्वारा दिल्ली में आयोजित ६ठवें विश्व भोजपुरी सम्मेलन में दिया गया. इस अवसर पर हिन्दी एवं भोजपुरी सिनेमा जगत की कई बड़ी हस्तियाँ सुनील सेट्टी, कुणाल सिंह, राजकुमार आर पाण्डेय, असलम शेख, कानू मुखर्जी, रानी चटर्जी, रिंकू घोष, संगीता तिवारी, स्मृति सिन्हा, सीमा सिंह, प्रिया शर्मा, सुजीत पुरी , अजय दीक्षित, सुदीप पाण्डेय, चिंटू पाण्डेय और संगीत जगत से उदित नारायण, भरत शर्मा व्यास, मालिनी अवस्थी, देवी, इन्दू सोनाली व अजीत आनंद आदि मौजूद थे .
इस दो दिवसीय विश्व भोजपुरी सम्मेलन का उदघाटन लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने किया . इस आयोजन में पहली बार सिनेमा पर ऐसा अद्भुत विशेष सत्र आयोजित किया गया था जिसमें लाखो की भीड़ में फिल्म समीक्षक मनोज भावुक द्वारा निर्मित भोजपुरी सिनेमा के 50 साल के सफ़र पर एक डोक्युमेंट्री भी दिखाई गई जिसे फिल्मकारों और दर्शकों ने खूब पसंद किया. कार्यक्रम का सफल संचालन मनोज भावुक एवं श्वेता तिवारी ने किया.

सुप्रसिद्ध भोजपुरी साहित्यकार मनोज भावुक  को पूर्वांचल भोजपुरी महासभा , गाज़ियाबाद द्वारा  10 मार्च, 2012 को संस्था के सबसे प्रतिष्ठित अवार्ड पूर्वांचल गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। उन्हें यह  सम्मान प्रदान किया गार्डेनिया ग्रुप के चेयरमैन मनोज राय ने।  मनोज को यह  सम्मान भोजपुरी की तमाम संस्थाओं  के साथ साहित्यिक  और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत बनाने की दिशा में किए गए प्रयास और उल्लेखनीय सेवा के लिए दिया गया है।  मनोज भावुक विश्व की सबसे बड़ी भोजपुरी संस्था विश्व भोजपुरी सम्मलेन की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष हैं व  इसके पहले इसी संस्था के ग्रेट ब्रिटेन और अफ्रिका इकाई के अध्यक्ष रह चुके हैं । मनोज ने पूर्वी अफ्रिका के युगांडा में BAU  यानी की भोजपुरी एसोसियेशन ऑफ़ युगांडा की स्थापना की और यूके  में भोजपुरी समाज को संगठित कर  लन्दन के हाइड पार्क में भोजपुरी कार्यक्रमों का आयोजन किया। तस्वीर जिंदगी के( ग़ज़ल-संग्रह) एवं चलनी में पानी ( गीत- संग्रह) मनोज की चर्चित पुस्तके हैं। मनोज भोजपुरी के जाने-माने फिल्म समीक्षक हैं और भोजपुरी चैनल हमार टीवी में वरिष्ठ पद पर कार्यरत हैं ।